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टेंडर पास होने के बाद भी अभी तक नहीं बनी टूटी पुलिया जान जोखिम में डालकर आवाजाही के लिए मजबूर जनता l

चौमहला/झालावाड़ आबिद मंसूरी: चम्बल नदी पर टूटी पुलिया का निर्माण बने प्राथमिकता पूर्व में हो चुके कही हादसे चौमहला-मंदसौर मार्ग 6 वर्षों से बंद, जनता परेशान

मध्यप्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाली चम्बल नदी की पुलिया वर्ष 2019 में आई भीषण बाढ़ में बह गई थी। यह पुलिया मंदसौर (म.प्र.) को चौमहला (राजस्थान) से जोड़ने का प्रमुख मार्ग थी। दुर्भाग्यवश, अब तक इस पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

60 किलोमीटर की दूरी अब 80 से किलोमीटर में तब्दील

चौमहला से मंदसौर की सीधी दूरी मात्र 60 किलोमीटर थी। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को चौमहला से सुवासरा, होते हुए मन्दसौर के लिए 80 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। चिकित्सा जैसी आपात सेवाओं के लिए तो स्थिति और भी विकट है। गंभीर बीमारियों या आपात स्थितियों में चौमहला और आसपास के गाँवों के लोगों को 125 किलोमीटर दूर झालावाड़ तक जाना पड़ता है

*।पुलिया के अभाव में*

*चौमहला क्षेत्र की प्रसूताओं को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है*

*आपको बता दे कि मन्दसौर सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूताओं को सामान्य प्रसव से लेकर ऑपरेशन से प्रसव फ्री हैं*

*एवम नवजात शिशुओं के लिए यूनिसेफ से अप्रूव ICU की सुविधा हैं सिर्फ मन्दसौर आने जाने के किराए में सम्पूर्ण इलाज मिल जाता है*

*इसके अलावा*

*व्यापार और शिक्षा पर भी पड़ा असर*

*मंदसौर एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और साथ ही वहाँ की चिकित्सा सेवाएँ व शिक्षा संस्थान क्षेत्र में अव्वल दर्जे के माने जाते हैं*। *पुलिया के अभाव में चौमहला व आस-पास के ग्रामीणों का मंदसौर से संपर्क टूट गया है। व्यापारियों को अपने उत्पादों को पहुँचाने में अतिरिक्त समय और लागत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।*

 

*ईंधन की खपत व परिवहन लागत में इजाफा*

 

*बढ़ी हुई दूरी के चलते वाहनों को अतिरिक्त ईंधन जलाना पड़ रहा है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण स्कूली बच्चों, मजदूरों, किसानों और बुज़ुर्गों को सबसे ज़्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।*

*जनता की मांग: शीघ्र हो पुलिया का पुनर्निर्माण*

*पिछले 6 वर्षों से अधूरी पड़ी इस पुलिया के निर्माण को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जनता की एक ही मांग है — “पुलिया का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाए और चौमहला-मंदसौर मार्ग को पुनः बहाल किया जाए।*”

निष्कर्ष

सरकारों की प्राथमिकता में सड़कों और पुलों जैसे बुनियादी ढांचे का निर्माण होना चाहिए, क्योंकि यही विकास की असली धुरी हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए l

 

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